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अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे तालाब
November 14, 2019 • kapish mishra • वीडियो

 

बस्ती। नगर पालिका क्षेत्र में मौजूद तालाबों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। भू-माफिया इन्हें पाट कर प्लाटिंग करने में लगे हुए है। जिम्मेदार इसे लेकर गंभीर नहीं है। कुछ दिन तक यदि यही स्थिति रही तो कई तालाबों का अस्तिव खत्म हो जाएगा।

इन तालाबों के बारे में जिला प्रशासन को भी जानकारी है, लेकिन तमाम कागजी कवायदों के बावजूद अतिक्रमण नहीं हट सका है। 
शहर में करीब नौ तालाब थे। इसमें से महज पांच ही अस्तित्व में हैं और 4 का अस्तित्व समाप्त होहोचुका है। तालाबरे-धी समाप्ति की तरफ हैं।

नगर पालिका के अभिलेख में दर्ज महरीखांवा तालाब पर अतिक्रमण है। यहां तक की कई मकान भी बना लिए गए हैं। यही स्थिति टाउन क्लब के पीछे स्थित तालाब का है। अतिक्रमण के चलते यह तालाब सिकुड़ता जा रहा है। तालाब के बगल बसे लोग इसे पाटने पर तुले हैं। मरवटिया राजा स्थित तालाब भी अस्तित्व की बांट जोह रहा है। गांवगोड़िया व तुरकहिया स्थित तालाब की भी दशा दयनीय है। त्योहार के चलते विलंब हुआ है।अधिकारियों का कहना है कि जिन लोगों ने तालाबों पर अतिक्रमण किया है, उनपर कार्रवाई की जाएगी। यही हाल कमोबेश गावों का भी है। तालाब अपने वजूद के लिए लड़ रहे है। भविष्य में ये गावों में जल संकट में वृद्धि करेगा।

कागज़ों में सिमटी सरकारी योजनाएं 

तमाम सारे सरकारी योजनाओ पर दबंगों हावी है।
तालाबों पर अतिक्रमण को लेकर तत्कालीन डीएम माला श्रीवास्तव ने गंभीरता दिखाई थी।  इसी बीच डीएम का स्थानांतरण हो गया और जांच ठंडे बस्ते में चली गई।