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बस्ती महोत्सव में बस्ती कही नहीं दिखी
January 29, 2020 • संवाददाता • बस्ती मण्डल

संजय जायसवाल (विधायक)  बस्ती महोत्सव पर प्रशासन के खिलाफ बड़ा हमाला बोला ।इसके बाद विरोध के सुर मुखर हो उठे कही भ्रष्टाचार को लेकर कही वसूली, कही अव्यवस्थ को लेकर आलोचनाओं का दौर जारी है।अब पत्रकारों के साथ हुई बदसुलूकी और बस्ती की अपेक्षा ने नई धार से दी।

महोत्सव मंच बस्ती के कलाकारों और गीतकारों की उपेक्षा से इंपोर्टेड लगने लगा है।मंच पर कलाकार और कवि कम भाजपाइयो से भरा हुआ था।

स्थानीय कलाकारों को कोई जगह नहीं मिली हा आप भाजपाई है तो बात अलग है, मंच भी मिलेगा और सम्मान भी ।लगता है जैसे कुछ विशेष लोगो ने हाईजैक के लिए है कार्यक्रम को।कलाकारों के साथ जनप्रतिनिधियों की भी कोई महत्व नहीं है बस कुछ लोगो को छोड़ कर।

उन्होने कहा, डा.राम नरेश सिंह मंजुल जी जिन्हें उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा साहित्य भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। जनपद के रहमान अली रहमान जी, जगमग जी, विनोद उपाध्याय जी, प्रदीप चन्द्र पाण्डेय जी, बस्तवी साहब जैसे जनपद के श्रेष्ठ कवियों व साहित्यकारों को छोड़कर साँसद कृपापात्र भाजपा महामंत्री को मंच पर स्थान देना, बस्ती के कवियों का अपमान नही तो और क्या है।

दूसरी तरफ इन्ही लोगों के नाते वी आई पी पास लेकर लोग भटकते दिखे। लोगों ने बताया कि जितना वी आई पी पास वितरित हुआ था उसके आधे लोग इधर उधर भटकते दिखे, कारण था कि उनकी सीटों पर अवैध लोगों का कब्जा। कुछ लोग तो गेट से निराश होकर घर लौट गये जब पुलिस वालों ने बताया कि आप वी आई पी होंगे महोत्सव समिति के नजर में लेकिन जिसने आपको बुलाया है उसके पास बैठने की जगह ही नही।
छुटभैया नेेताओ का अलग ही आलम है ।कुमार विश्ववास को टोकना पड़ा ,क्या यही बस्ती की शाान है।
पूर्व जिलाधिकारी डॉ राजशेखर ने तमाम विरोधों के बाद मंच साहित्य प्रेमियों को खुश करने के लिए मंच का नाम दिया था, आचार्य रामचन्द्र शुक्ल महोत्सव मंच।लेकिन इस बार फिर न तो किसी होर्डिंग बैनर में मंच का नाम दिखा न ही कार्यक्रम में कभी कहीं ये बात कही गयी यह कार्यक्रम आचार्य रामचन्द्र शुक्ल महोत्सव मंच से हो रहा है।