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भारत ने पाया पहला स्थान ६९००० बच्चो का जन्म दिन बना १जनवरी,४४०००हजार बच्चो के साथ चीन दूसरे स्थान पर
January 2, 2020 • कपीश मिश्र • देश/विदेश

वहीं एक तरफ जहां पुराना साल यादगाार गुज़रा है वहीं १जनवरी को चौंकाने वाला आंकड़ा आया, कुछ लोगो के लिए एक जनवरी यादगार हो गया ।

बच्चो के कल्याण के लिए काम करने वाली संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनिसेफ ने एक रिपोर्ट जारी की, नए साल 2020 की पहली तारीख को पूरी दुनिया में 386,000 बच्चों ने जन्म लिया।

इसमें भारत का स्थान पहला है जहां एक जनवरी को 69,000 बच्चे पैदा हुए।इ सके चीन का स्थान है जहां 44,760 बच्चों ने जन्म लिया.

यूनिसेफ के आंकड़े के बताते हैं कि तीसरे नंबर पर नाइजीरिया है जहां साल के पहले दिन 20,210 बच्चों ने जन्म लिया।
यूनिसेफ ने एक प्रेस रिलीज में बताया है कि 2016 में साल के हर दिन पहले 24 घंटों के भीतर अनुमानित 2,600 बच्चों की मौत हुई. लगभग 20 लाख नवजात शिशुओं के लिए उनका पहला सप्ताह ही उनका आखिरी था. इन शिशुओं की मौत के पीछे सेप्सिस और न्यूमोनिया जैसी बीमारियों को वजह बताया गया है. यूनिसेफ का दावा है कि इन मौतों की रोकथाम के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं. यह भी बताया गया है कि पिछले तीन साल में शिशु मृत्यु दर में काफी गिरावट दर्ज की गई है।

भारत के बारे में यूनिसेफ ने कहा है, यहां 69 हजार बच्चे हर दिन पैदा होते हैं। जन्म का पहला दिन मां और बच्चे दोनों के लिए जोखिम भरा होता है क्योंकि इसी दिन आधी मृत्यु दर दर्ज की जाती है जबकि 40 फीसदी बच्चों की मौत जन्म के दिन ही हो जाती है। भारत में हर साल लगभग 50 लाख बच्चों का जन्म घर में ही होता है।ब की मौत रोकने के लिए जरूरी है माताओं को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाएं।

यूनिसेफ ने उस बच्चे की भी जानकारी दी है जो नए साल पर दुनिया में सबसे पहले पैदा हुआ. यह बच्चा फिजी का है जिसका जन्म 12.10 बजे हुआ