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भ्रष्टाचार की खबरों से जगा प्रशासन ,जगन्नाथपुर सहित 7 ग्राम पंचायतों के सचिव निलंबित,प्रधान पर जल्द होगी कार्यवाही
September 8, 2020 • मार्तण्ड प्रभात संवाददाता • बस्ती मण्डल

बस्ती :- जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन के निर्देशन में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत जनपद के विभिन्न ग्राम पंचायतों में निर्माण कराए जा रहे पंचायत भवन, सामुदायिक शौचालय, अंत्येष्टि स्थल एवं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत निर्माण कराए जा रहे शौचालयों के निर्माण की गुणवत्ता व प्रगति का स्थलीय निरीक्षण कराया गया । जिसमें निर्माण कार्यों की गुणवत्ता मानक विहीन व खराब पाए जाने तथा समय अंतर्गत निर्माण कार्य पूर्ण न कराने के लिए दोषी पाए गए 7 ग्राम पंचायत सचिवों के विरुद्ध निलंबन की कार्यवाही की गई है।

बताते चलें कि कुछ दिन पूर्व जगन्नाथपुर में हुए कार्यों में घोटाले के लिए जिलाधिकारी से शिकायत कि गई थी। शिकायतों को देखते हुए 

ग्राम पंचायत जगन्नाथपुर में वित्तीय वर्ष 2019 – 20 में आवंटित अंत्येष्टि स्थल के निर्माण हेतु धनराशि ग्राम पंचायत को अंतरित करने के पश्चात अंत्येष्टि स्थल का शत-प्रतिशत निर्माण कार्य तथा शांतिस्थल, शौचालय तथा स्नानागार का निर्माण कार्य पूर्ण ना होने से सचिव निलंबित करदिए गए।

इसके अतिरिक्त विकासखंड कुदरहा के ग्राम पंचायत सिसई बाबू ,ग्राम पंचायत पिपरा चंद्रपति विकासखंड साउघाट एवं ग्राम पंचायत हरपालपुर विकासखंड दुबौलिया , ग्राम पंचायत पायका विकासखंड गौर पंचायत ,ग्राम पंचायत पड़री विकास खंड सल्टौवा गोपालपुर ,पंचायत डारीडीहा विकासखंड बहादुरपुर, ग्राम पंचायत फेरसन विकासखंड दुबौलिया तथा ग्राम पंचायत बेतौहा विकासखंड सल्टौवा गोपालपुर में  निर्माण की गुणवत्ता खराब पाए जाने के फलस्वरूप दोषी संबंधित सचिव के विरुद्ध निलंबन की कार्यवाही की गई ।

 

जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया है कि जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने जनपद के समस्त एडीओ पंचायत, सचिव ग्राम पंचायत, ग्राम प्रधान को निर्देश दिया है कि ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत आवंटित सामुदायिक शौचालय, पंचायत भवन तथा अंत्येष्टि स्थल के निर्माण कार्य में गुणवत्ता के प्रति कोई समझौता नहीं किया जाएगा ।

गुणवत्ता खराब पाए जाने अथवा समय अंतर्गत पंचायत भवन, सामुदायिक शौचालय एवं अंत्येष्टि स्थल का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं होता है तो इसी तरह संबंधित सचिव, प्रधान के साथ-साथ एडीओ पंचायत की भी जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए उनके निलंबन की भी कार्यवाही की जाएगी।