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दावत का असर /क्यों हुआ प्रोटोकोल बेअसर ! श्री कृष्ण मिशन हॉस्पिटल
June 17, 2020 • कपीश मिश्र • करोना वायरस

बस्ती :- गरीबो की सेवा के नाम पर बस्ती जनपद में चल रहा श्री कृष्ण मिशन हॉस्पिटल जहां पहली जून को इलाज के दौरान एक महिला की मृत्यु होने के दो दिन बाद उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजटिव आयी मृत महिला के दोनों पुत्रों की रिपोर्ट भी कोरोना पॉजटिव आयी और उन्हें रुधौली के एलवन हॉस्पिटल में एडमिट किया गया ।

लेकिन कोई प्रोटोकोल फालो नहीं किया गया. मामले  के खुलासा होने के बाद से ही जिम्मेदार अपने सहित सबको बचाने और उचित ठहराने में लग गए है।

समूचा घटना क्रम अपने मे तंत्र के विभिन्न हिस्सों की लापरवाही उजागर करती है।

 

प्रश्न जो उठता है - 

  • मृत्यु के पश्चात अगर महिला का स्वैब जांच के लिए भेजा गया तो प्रोटोकाल का उल्लंघन करते हुए संदिग्ध का शव परिजनों को कैसे दे दिया?
  • क्या पॉज़िटिव रिपोर्ट आने के बाद कैली में प्रोटोकाल के मुताबिक कोरोना फ्री करने की कोई कवायद की गई ?
  • इसी प्रकार जिस निजी अस्पताल ने भर्ती किया ,पॉज़िटिव निकलने के बाद ,सेनेटीज़शन, कोरेण्टाइन,आइसोलेशन या हॉटस्पॉट क्लियर किया गया।
  • सैंपल जांच में भेजने के बाद शव कैसे परिजनों को दे दिया गया ?

इन तमाम सवालों के उत्तर श्रीकृष्ण मिशन हॉस्पिटल,कैली हॉस्पिटल , सीएमओ सहित जिले प्रशासन के पास होना चाहिए. लेकिन नहीं है. उत्तर तो कहीं ना कहीं से मिलना था ही  उन सभी प्रश्नो का उत्तर इस इस वायरल होती पिक्चर मे मिल रहा है. 

दावत का असर / प्रोटोकाल बेअसर 

 

शायद इसकी वजह बस्ती प्रसाशन है जो इस अस्पताल को बचाने में लगा है जिसका प्रमाण इस अस्पताल के पास दावत का लुत्फ उठाते प्रशासन के कुछ नुमाइंदे फ़ोटो द्वारा नज़र आ रहे है। ऐसे में पुलिस का ये चेहरा क्या कुछ कहता है भली -भांति समझा जा सकता है।इसी मे सारे उत्तर भी है. 

नहीं तो और क्या कारण हो सकता है क्योंकि कुछ दिन पहले ही सीएचसी कुदरहा के डाक्टर की रिपोर्ट कोरोना पाजिटिव आने पर अस्पताल को तत्काल सील करा दिया और कोविड प्रोटाकाल को फॉलो किया जा रहा है। तो यहाँ क्यों नहीं.