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एक अनोखा रेलवे स्टेशन जिसका टिकट गुजरात में कटता है और ट्रेन महाराष्ट्र में मिलती है ,नाम है नवापुर
March 15, 2020 • कपीश मिश्र • देश/विदेश

रेलवे से जुड़े ऐसे कई रोचक तथ्य हैं। ऐसे ही एक ऐसे रेलवे स्टेशन की कहानी, है जिसे भारत का सबसे अनोखा रेलवे स्टेशन माना जाता है।

इसकी वजह ये है कि इसका आधा हिस्सा महाराष्ट्र में पड़ता है तो आधा हिस्सा गुजरात में है।

 
इस स्टेशन का नाम है नवापुर रेलवे  ।
यह गुजरात और महाराष्ट्र की सीमा को एक साथ छूने वाला इकलौता रेलवे स्टेशन है। स्टेशन पर एक बेंच ऐसी भी है, जिसका आधा हिस्सा महाराष्ट्र में तो आधा हिस्सा गुजरात में है। इस बेंच पर बैठने वालों को यह ध्यान देना होता है कि वह किस राज्य में बैठे हैं।


इस स्टेशन की सबसे खास बात ये है कि यहां टिकट खिड़की महाराष्ट्र में पड़ती है, जबकि स्टेशन मास्टर गुजरात में बैठते हैं। इस स्टेशन पर चार अलग-अलग भाषाओं हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती और मराठी में अनाउंसमेंट होता है, ताकि महाराष्ट्र और गुजरात दोनों राज्यों से आने वाले यात्रियों को समझने में आसानी हो। इसके अलावा सूचनाएं भी चार भाषाओं में लिखी जाती हैं।

 
टिकट खिड़की और स्टेशन मास्टर के दफ्तर के अलावा रेलवे पुलिस स्टेशन और कैटरिंग महाराष्ट्र के नंदूरबार जिले के नवापुर में आते हैं, जबकि वेटिंग रूम से लेकर पानी की टंकी और शौचालय गुजरात के तापी जिले के उच्छल में स्थित हैं।


दो राज्यों में बंटे होने के कारण नवापुर रेलवे स्टेशन पर आधा कानून गुजरात का तो आधा महाराष्ट्र का चलता है। जैसे कि गुजरात में शराब की बिक्री पर रोक है, तो महाराष्ट्र में पान मसाला और गुटखा पर। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति गुजरात वाले हिस्से में गुटखा बेचता है तो ठीक है, लेकिन अगर गलती से भी वह महाराष्ट्र की सीमा में चला गया तो अपराधी बन जाता है।

नवापुर रेलवे स्टेशन की कुल लंबाई 800 मीटर है। इसका 300 मीटर का हिस्सा महाराष्ट्र में और 500 मीटर का हिस्सा गुजरात में पड़ता है। यहां की सबसे दिलचस्प बात ये है कि स्टेशन पर आने वाली रेलगाड़ियों का एक हिस्सा महाराष्ट्र में तो दूसरा हिस्सा गुजरात में होता है। यानी अगर ट्रेन महाराष्ट्र से आ रही है तो उसका इंजन गुजरात में होता है और अगर ट्रेन गुजरात से आ रही है तो उसका इंजन महाराष्ट्र में होता है।

नवापुर रेलवे स्टेशन के दो राज्यों में बंटे होने के पीछे एक कहानी है। दरअसल, जब यह स्टेशन बना था, तब महाराष्ट्र और गुजरात का बंटवारा नहीं हुआ था।

उस समय नवापुर स्टेशन संयुक्त मुंबई प्रांत में पड़ता था, लेकिन एक मई 1961 को जब मुंबई प्रांत का बंटवारा हुआ तो यह दो राज्यों महाराष्ट्र और गुजरात में बंट गया। इस बंटवारे में नवापुर स्टेशन दोनों राज्यों के बीच आ गया और तब से इसकी एक अलग ही पहचान है।

हालांकि नवापुर कोई पहला रेलवे स्टेशन नहीं है, जो दो राज्यों की सीमा से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा भवानी मंडी देश का ऐसा दूसरा रेलवे स्टेशन है, जो राजस्थान और मध्यप्रदेश दो राज्यों की सीमाओं में बंटा हुआ है।