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करिए दीपावली पूजन मुहूर्त और विधि से
October 25, 2019 • मार्तण्ड प्रभात ज्योतिष

शुक्रवार को धनतेरस से शुरू होने वाला पांच दिनी पर्व मंगलवार को भाई दूज तक चलेगा। घरों की साज-सज्जा के साथ लोग पूजन की तैयारी में जुटे हैं।

धनतेरस पर्व भगवान धनवंतरी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। आयुर्वेद के जनक भगवान धनवंतरी का जन्मोत्सव इस बार शुक्रवार 25 अक्तूबर को है।

दोपहर दो से तीन बजे के बीच धनवंतरी पूजा का शुभ मुहूर्त है। शाम पांच से छह बजे के बीच लक्ष्मी-गणेश और कुबेर पूजन के लिए उपयुक्त समय है। वाहन, बर्तन और आभूषण आदि की खरीद-फरोख्त के लिए भी यही समय उपयुक्त है।

महानिशा पूजा रात में: तंत्र सिद्धि के लिए दिवाली की रात में महानिशा पूजा की जाती है। सिंह लग्न में पूजा का उपयुक्त समय माना गया है। इस बार महानिशा पूजा का शुभ मुहूर्त रात 1:15 से 3:25 बजे के बीच होगा।

दिवाली के लिए पूजा का दो समय है। पहला समय फैक्ट्री और कारखानों के लिए तो दूसरा दुकानों और घरों के लिए।ज्योतिष के अनुसार फैक्ट्री, कारखानों में पूजन के लिए उपयुक्त समय दोपहर 2:10 से 3:40 बजे के बीच होगा। इस समय स्थिर लग्न कुम्भ होगी। जबकि दूसरा मुहूर्त शाम 6:40 से रात 8:40 बजे के बीच होगा। इस समय स्थिर लग्न वृषभ लग्न होगी।


शनिवार शाम 5:15 से 6:50 के बीच हनुमान जी की पूजा हनुमान जयंती इस बार 26 अक्तूबर को होगी। माना जाता है कि इस दिन हनुमानजी का जन्म हुआ था। शाम 5:15 से 6:50 बजे के बीच मेष लग्न होने के कारण पूजा के लिए यह उपयुक्त समय होगा।

जानते है सभी महत्वपूर्ण मुहूर्त संक्षिप्त  में ********†********†******†******************** 

*1. धनत्रयोदशी/धनतेरस*
 धनत्रयोदशी/धनतेरस दिनांक 25-10-2019 ( शुक्रवार) को मनाया जाएगा।
*इसी दिन सायं काल में वृष लग्न (स्थिर लग्न) सायं 06:33 से सायं 08:30 बजे बर्तनादि की खरीदारी करेंगे।*

*2.* दिनांक 26-10-2019 ( शनिवार) को अपराह्न 02:08 बजे से चतुर्दशी प्रारम्भ है,जो दिनांक 27-10-2019 (रविवार) को पूर्वाह्न 11:51 बजे तक है। अतः *नरक चतुर्दशी* दिनांक 26-10-2019(शनिवार) को है।

*3. दीपावली-पूजन*
 दिनांक 27-10-2019( रविवार) को दीपावली का उत्सव मनाया जाएगा। 
     पूजन-मुहूर्त निम्न होंगे......

*(1) स्थिर लग्न कुम्भ अपराह्न 02:09 से अपराह्न 03:40 तक। ब्यापारी/ब्यवसायी वर्ग अपने ब्यापारिक स्थल/दुकान/संस्थान में इस समय पूजन कर सकते हैं।*

*(2) स्थिर लग्न वृष सायं 06:45 से सायं 08: 41 तक। गृहस्थ सायंकाल घर पहुँचकर इस मुहूर्त में पूजन कर सकते हैं।*

(03) स्थिर लग्न सिंह रात्रि 01:14 से रात्रि 03:27 तक। तांत्रिकों/सिद्धि पाने वालों के लिए।

(04) महानिशा महाकाली पूजन तुरीय संध्या मध्य रात्रि 11:35 से 12:26 तक। तांत्रिकों/सिद्धि प्राप्ति का प्रयोग करने वालों हेतु मुहूर्त।

आप अपनी सुविधानुसार इन चारों मुहूर्तों में से किसी भी मुहूर्त का चयन अपने पूजन के लिए कर सकते हैं।