ALL करोना वायरस राजनीति देश/विदेश बस्ती मण्डल उत्तर प्रदेश आयुर्वेद/जीवनशैली सम्पादकीय जय हो जनता की धर्म/,ज्योतिष वीडियो
समाप्ति के कगार पर पहुंचा बस्ती अयोध्या सीमा विवाद, दो दर्जन लेखपाल और दो एसडीएम और दो डीएम
February 27, 2020 • कपीश मिश्र • उत्तर प्रदेश

बस्ती :-  बस्ती एवं अयोध्या जिले का सीमा विवाद हल होने के अंतिम चरण में है। दोनो जिलों के सीमाकंन को लेकर अयोध्या के सदर और हरैया सर्किल के नायब तहसीलदारों के नेतृत्व में दो दर्जन लेखपाल व कानूनगो पिछले एक माह से सीमांकन के लिए फील्ड वर्क कर रहे थे। बुधवार को कस्बा स्थित डाक बंगले पर दोनों जिलों के लेखपाल, कानूनगो और नायब तहसीलदार दो दिन से टेबल वर्क कर बृहद नक्शा बनाने में जुटे हैं। इसका 90 फीसद कार्य हो चुका है।

इसके बाद दोनों जिलों के डीएम का निर्देश लेकर सरयू नदी के माझा क्षेत्र में स्थायी सीमा (पत्थरनसब) स्थापित किया जाएगा।
अयोध्या और अपने जिले की सीमा से सटकर बहती सरयू नदी के दोनो तरफ पांच किमी चौड़ाई में फैला माझा क्षेत्र में कोई स्थायी सीमा चिह्न नहीं है।
इससे माझा क्षेत्र में खेती किसानी के दौरान वर्चस्व को लेकर विवाद होता है।

क्यों आवश्यक है सीमांकन

मामले में छावनी थानाक्षेत्र के मड़ना माझा गांव निवासी राजवंत सिंह ने 10 वर्ष पहले उच्च न्यायालय इलाहाबाद में रिट दाखिल कर बस्ती के मड़ना माझा, माझा बरही, जरही माझा, दलपतपुर माझा सहित अयोध्या के रामपुर पुआरी, काजीपुर माझा, दलपतपुर माझा का सीमांकन करने की मांग किया था। वर्ष भर पूर्व उच्च न्यायालय के आदेश पर दोनों जिलों के डीएम के निर्देश पर उच्चस्तरीय अधिकारियों की टीम ने सीमांकन का कार्य शुरू किया था।

दो चरणों में होगा सीमा सीमाकंन

जनपद सीमांकन के प्रथम चरण बस्ती के चार गांव मड़ना माझा, माझा जरही, माझा दलपतपुर, माझा किताअव्वल और अयोध्या के तीन गांव रामपुर पुवारी माझा, काजीपुर माझा, दलपतपुर माझा के सीमा का निर्धारण किया जा रहा है।

सर्वे कार्य पूर्ण होने के पश्चात बुधवार को सीमा का सीमांकन का नक्शा-मानचित्र कार्य पूरा हो गया है। प्रशासन अब इन गांवो मे स्थाई पत्थर नसब करायेगी। सीमांकन स्थाई सीमा पत्थर की स्थापना होगी। सीमाकंन में शामिल अधिकारियों का कहना है कि दूसरे चरण में बस्ती के सीतारामपुर, माझा तिहुरा व माझा बरहटा का सीमांकन कार्य शुरू कराया जाएगा।